आज की ताजा खबर

लाजपत नगर गुरुद्वारे में धूमधाम से मनाई गई लोहड़ी

top-news

बाराबंकी। कड़ाके की ठंड और तेज हवा के बीच मंगलवार की शाम लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा का परिसर गर्मजोशी और अपनत्व से जगमगा उठा। ढोल की थाप और संगत की मुस्कुराहटों से भरे इस वातावरण में लोहड़ी का पर्व केवल रीति-रिवाज नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाला एहसास बन गया।
अग्नि की लपटों ने जगाई उम्मीद 
उत्सव की शुरुआत गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार भूपिंदर सिंह ने परंपरागत लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित कर की। अग्नि की ऊँची उठती लौ मानो खुशी, समृद्धि और नए आरंभ का संदेश दे रही थी। उनके साथ उपप्रधान रविन्द्र कालरा, सचिव हरपाल सिंह, राजदीप सिंह और सभी पदाधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम का महत्व और बढ़ा दिया। संगत ने मूंगफली, रेवड़ी, गजक और मक्का की खीलें अग्नि में अर्पित कर गुरु महाराज से सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और रबी फसल की समृद्धि की अरदास की।
भांगड़ा–गिद्धा से गूंज उठा पूरा लाजपत नगर 
ठंडी रात को मात देते हुए ढोल की गूंज के बीच बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी ने भांगड़ा और गिद्धा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्टेज सेक्रेटरी सतनाम सिंह खालसा के कुशल संचालन और कोषाध्यक्ष हरप्रीत सिंह की बेहतरीन व्यवस्थाओं ने कार्यक्रम को खास रंग प्रदान किया। मीडिया प्रभारी प्रीत सिंह, गोबिंद सिंह, मनमीत सिंह, तनप्रीत मारवाह, सनी सिंह, गुरदीप सिंह अन्नू और समस्त कॉलोनीवासियों ने मिलकर लोहड़ी की रौनक और भी बढ़ा दी।
 भाईचारे की गर्माहट हर सर्दी पिघला देती है : प्रधान भूपिंदर सिंह 
प्रधान भूपिंदर सिंह ने कहा कि लोहड़ी हमें बताती है कि ठंड चाहे कितनी भी कड़ी हो, एकता और प्रेम की गर्माहट से हर संकट पिघल जाता है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोहड़ी केवल परंपरा नहीं, बल्कि नई फसल की खुशी, नई शुरुआत की उम्मीद और एक-दूसरे के प्रति अपनत्व का जश्न है। आग की लपटों के बीच चमकते चेहरों ने साबित किया कि संगत जब एकत्र होती है—भाईचारा, प्रेम और इंसानियत की रोशनी अपने आप फैल जाती है।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *